मध्यप्रदेश भाजपा सरकार में संविधान निर्माता डॉ अम्बेडकर का हो रहा अपमान - रश्मि सिंह
Constitution maker Dr. Ambedkar is being insulted in the Madhya Pradesh BJP government - Rashmi Singh
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, कांग्रेस की प्रवक्ता रश्मि सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर का लगातार अपमान हो रहा है। ताज़ा मामला ग्वालियर हाईकोर्ट के अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने सार्वजनिक मीडिया के सामने संविधान निर्माता डॉ अम्बेडकर को अंग्रेजों का गुलाम व संविधान निर्माता न होने की बात कही।एवं भारत के विभाजन के लिए भी जिम्मेदार बताया।एवं अन्य अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया। और ये दावा किया कि संविधान निर्माता बी.एन.राव हैं।
इस तरह के भ्रामक और अपमानजनक व्यवहार के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी में मांग करती है कि अनिल मिश्रा पर राष्ट्रद्रोह की धारा एवं एससी-एसटी एक्ट लगाकर, सम्पत्ति को राजसात करना चाहिए। अनिल मिश्रा ने भारत वर्ष के करोड़ों अम्बेडकर अनुयायियों की भावनाओं को आहत किया है। संविधान निर्माताओं का इस तरह अपमान हो रहा है मध्यप्रदेश की मोहन यादव की सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया,इसका मतलब साफ है कि अनिल मिश्रा को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
वह खुलेआम धमकियां दे रहा है ।एफ आई आर होने के बाद भी वह खुलेआम घूम रहा है। इस तरह से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है! कानून व्यवस्था भी विगड़ सकती है !लेकिन सरकार का कोई जिम्मेदार व्यक्ति अभी तक आगे नहीं आया? देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अपने भाषणों में हजारों बार बोलते हैं कि संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर के कारण एक ओबीसी का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन पाया। भाजपा के सभी मुख्यमंत्री,मंत्री, विधायक सभी बाबा साहब अम्बेडकर की तस्वीर सर पर लेकर घूमते हैं।
अनिल मिश्रा का दावा घोर आपत्ति जनक है कि संविधान निर्माता बीएन राव थे, गौरतलब है कि संविधान की मसौदा समिति का गठन 29 अगस्त सन् 1947ई.को हुआ जिसमें 7 सदस्य थे। डॉ अम्बेडकर को मसौदा समिति का सर्वसहमति से अध्यक्ष बनाया गया। अन्य 6 सदस्य जिनमें अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर, डॉ. के. एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. गोपालस्वामी अय्यंगर, बी.एल. मित्तर (जिन्हें बाद में एन. माधव राव द्वारा प्रतिस्थापित किया गया), और डी.पी. खेतान (जिन्हें टी.टी. कृष्णामाचारी द्वारा प्रतिस्थापित किया गया) शामिल थे। बी एन राव को मसौदा समिति का सलाहकार बनाया गया था जिन्होंने संविधान का मसौदा तैयार करने में मदद की। लेकिन अनिल मिश्रा जैसे लोग संविधान विरोधी, दलित विरोधी मानसिकता के चलते भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी रतलाम ग्रामीण के जिलाध्यक्ष हर्षविजय गहलोत,शहर अध्यक्ष शान्ती लाल वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष महेन्द्र कटारिया, पूर्व विधायक पारस दादा, यास्मीन शेरानी,भारत यात्री संगीता कांकरिया,कुसुम चाहर आदि वरिष्ठ नेताओं ने मांग की है कि सरकार ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर अंकुश लगाएं और सामाजिक सौहार्द एवं भाईचारा बना रहे। सभी महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों,एवं सभी धर्मगुरुओं का सम्मान होना चाहिए।