रतलाम में उल्टी दस्त के कई मरीज अस्पताल में भर्ती, लिकेज सिवरेज की पाइप लाइन और रिपेयर पानी की पाइपलाइन की जा रही, सिवरेज के ठेकेदार के सामने नत मस्तक है पूरा प्रशासन
Many patients suffering from vomiting and diarrhea are admitted to the hospital in Ratlam, leaking sewerage pipeline and water pipeline are being repaired, the entire administration is bowing down before the sewerage contractor
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम के वार्ड नंबर 24 अशोकनगर , ओझा खाली क्षेत्र में सिवरेज युक्त गंदा पानी के कारण उल्टी दस्त से कई लोग बीमार होकर सरकारी अस्पताल में भर्ती हुए। मरीजों की संख्या एक दर्जन के आसपास बताई जा रही है। पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कहा कि अशोकनगर , रत्नेश्वर रोड, तेजा नगर , ओझा खाली , क्षेत्र में पिछले 2 साल से गंदे पानी की शिकायत कई मंच पर करने के बाद भी समस्या का हल नहीं हुआ, वार्ड पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान ने एनजीटी में पिटीशन दायर की, जिसमें असत्य , अपूर्ण और भ्रामक उत्तर दिए जाने पर एनजीटी ने नगर निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल को फटकार लगाई।
सकलेचा ने कहा की नगर निगम पीने की 35 साल पुरानी पाइपलाइन को ठीक करने की बात करता है , लेकिन गंदगी सिवरेज की पाइपलाइन में से निकल रही है। उसको रोकने की बात नहीं करता । जबकि जुलाई 2024 से जुलाई 2019 तक ठेकेदार का डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड है , और सीवरेज के ठेकेदार को प्रत्येक लिकेज को बंद करने की जिम्मेदारी अनुबंध में तय की गई है। सिवरेज के ठेकेदार को रखरखाव के नाम पर 10 करोड़ से अधिक का भुगतान 10 साल में किया जाएगा तथा बिजली का बिल 2 करोड़ से अधिक प्रतिवर्ष का शासन द्वारा भरा जा रहा है। अनुबंध के अनुसार उसे चार इंजीनियर सहित 40 कर्मचारियों को डिफेक्ट लायबिलिटी के लिए नियुक्त करना है तथा चार तरह की मशीनों को भी लगाना है । लेकिन उसके बाद भी उसने मात्र दो-तीन कर्मचारी नियुक्त किये और एक भी मशीन नहीं लगाई , और उसका जो कार्य है , वह नगर निगम अपने खर्चे से कर के सीवरेज के ठेकेदार का बचाव कर रही है । सिवरेज के ठेकेदार के सामने पूरा प्रशासन नतमस्तक है।
सकलेचा ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उल्टी दस्त से कई लोग बीमार होकर घरों पर इलाज कर रहे थे , आज स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया कुछ मरीज सरकारी अस्पताल में और कुछ निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। सकलेचा ने बताया कि रतलाम में गंदे पानी में बैक्टीरिया खतरनाक स्टेज तक है । फिकल कॉलीफॉर्म 960 तथा टोटल कोलीफॉर्म 1600 की लिमिट पर आ गया है। लेकिन उसके बाद भी नगर निगम की ओर मात्र लीपा पोती की जा रही है।